रविवार, अप्रैल 03, 2016

बदतरीन मुजरिम



दुनिया में किसी को कुछ भी मिलता है तो वो अल्लाह की तरफ़ से है
इसलिए किसी को अच्छे हाल में देख कर जलना और उसके नुक्सान की कोशिश करना ऐसे है जैसे अल्लाह के मंसूबे को बातिल करने की कोशिश करना, क्योके दुनिया दारुलअसबाब है इसलिए एक हद तक तो इंसान को अमल करने का मोका मिलता है मगर अल्लाह की नज़र में वह बदतरीन मुजरिम है, अल्लाह ने जिसको जो दिया है उसके लिए वही बेहतर है |   

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