शुक्रवार, अप्रैल 08, 2016

ज़िन्दगीबख्श ख़ुसूसियात



मौजूदा दुनिया में जो हालात है महज़ इम्तिहान के लिए है इम्तिहान की मुर्रर मुद्दत ख़त्म होने के बाद ये हालात बाक़ी नहीं रहेंगे इसके बाद ज़मीन की सारी ज़िन्दगीबख्श ख़ुसूसियात ख़त्म कर दी जायंगी
ज़मीन ऐसी खाली जगह हो जायगी जहा ना किसी के लिए अकड़ने का सामान होगा और ना फ़ख्र करने का |

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