सोमवार, सितंबर 16, 2013

तहज्जुर...

तहज्जुर बन गए है लोग
छोड़ कर…..राहे निजात
( तहज्जुर / पत्थर की तरह कठोर होना )
-एम साजिद

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Ads Inside Post