बुधवार, सितंबर 04, 2013

शफ़ाअत…


पूछ ज़रा क्या गुज़री तेरे जद्देअम्ज़द ………पर
-एम साजिद

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Ads Inside Post