गुरुवार, सितंबर 05, 2013

बागे अदन...

बागे अदन का है ....तू मुन्तजिर
भूल कर ऐ साजिद नारे जहन्नम

(बागे अदन / स्वर्ग )
-एम साजिद

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Ads Inside Post