खाकिश्तर…

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  • ऐ साजिद डर है तू आखिरत में न हो जाए ख्वार 
    ( खाकिश्तर / ऐसा अंगारा जिस में अन्दर आग हो ओर बाहर राख़ )
    -एम साजिद

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